कश्मीर केे ताजा हालात 1990 के समय के आतंकवाद के दौर के समान


कश्मीर केे ताजा हालात 1990 के समय के आतंकवाद के दौर के समान

कश्मीर केे ताजा हालात 1990 के समय के आतंकवाद के दौर के समान

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने कहा कि कश्मीर की स्थिति 1990 के उस दौर के समान है जब आतंकवाद शीर्ष पर था. साथ ही सरकार से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को देखते ही गोली मारने समेत अन्य सख्त कदम उठाने की मांग की.

विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेन्द्र जैन ने कहा, ''कश्मीर में जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. हिजबुल कमांडर वानी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दुर्भाग्यपूर्ण है. घाटी में वर्तमान स्थिति 1990 के जैसी हो गई है.''

उन्होंने कहा, ''यह समय ऐसा कहने का नहीं है कि ये भटके हुए लोग हैं. पाकिस्तान समर्थित लोगों को अलग-थलग किए जाने की जरुरत है और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरुरत है, यहां तक कि अगर जरुरत हो तो देखते ही गोली मारने की.''

अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं पर हमले का आरोप लगाते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि यह अस्वीकार्य है और हिन्दुओं पर निशाना साधने के गंभीर परिणाम होंगे.

बता दें कि कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा में अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है. मृतकों में 31 प्रदर्शनकारी और एक पुलिस वाहन का चालक शामिल शामिल है। जबकि पुलिस ने मृतकों की संख्या 23 बताई है। अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम और पुलवामा जिलों में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में ये मौतें हुई हैं।

इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई नेताओं से मुलाकात की और जम्मू एवं कश्मीर के ताजा हालात पर चर्चा की.

घाटी के कुछ हिस्सों में अधिक हिंसा के डर के बीच कर्फ्यू जारी है, जबकि सोमवार को सरकार ने अमरनाथ तीर्थयात्रा फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी.




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